Gita Explained

परिचय

यह संस्करण कैसे बना

संस्कृत

भगवद् गीता का संस्कृत पाठ हज़ारों वर्ष पुराना है और सार्वजनिक डोमेन में है। इसे यहाँ एक सार्वजनिक डिजिटल संस्करण से लिया गया है, फिर दो अन्य स्वतंत्र स्रोतों से मिलाया गया है, और लिपि के अपने नियमों से भी जाँचा गया है। इसे कभी हाथ से नहीं लिखा जाता, ताकि कोई श्लोक चुपचाप बिगड़ न जाए।

यह केवल औपचारिकता नहीं है। मूल डेटा में ५८ श्लोक त्रुटिपूर्ण निकले, और इसी प्रक्रिया से वे सब पकड़े और ठीक किए गए।

अनुवाद

यहाँ के अंग्रेज़ी अनुवाद इस संस्करण के अपने हैं। अधिकांश प्रसिद्ध अनुवाद अब भी कॉपीराइट के अधीन हैं, और जो पुराने अनुवाद मुक्त हैं उनकी भाषा प्रायः इतनी पुरानी है कि वह अर्थ और पाठक के बीच आ जाती है। नया अनुवाद करने से सातों सौ श्लोकों में एक ही स्वर बना रहता है।

अर्थ

हर श्लोक को एक ही ढाँचा मिलता है: सरल अर्थ, रोज़मर्रा के जीवन से एक ठोस उदाहरण, और उसके पीछे के दर्शन पर एक भाग। लेखन को ऐसे स्तर पर रखा जाता है जिसे सामान्य पाठक पढ़ सके - विचारों को सरल बनाकर नहीं, बल्कि वाक्य छोटे और शब्द सहज रखकर।

जहाँ प्रमुख भाष्यकार वास्तव में असहमत हैं - और कुछ श्लोकों पर वे गहरे असहमत हैं - वहाँ यह संस्करण चुपचाप कोई एक पक्ष चुनने के बजाय यह बात स्पष्ट कहता है।

भाषाएँ

इंटरफ़ेस और अध्यायों का विवरण अंग्रेज़ी और हिन्दी दोनों में उपलब्ध है। श्लोकों का अर्थ हिन्दी में एक-एक अध्याय करके जोड़ा जा रहा है; जो अध्याय अभी नहीं जुड़े, वहाँ वह अंग्रेज़ी में दिखाई देता है।

अभी लिखा जा रहा है

संस्कृत के सभी ७०० श्लोक यहाँ पहले से उपलब्ध हैं। अर्थ एक-एक अध्याय करके लिखा जा रहा है, और हर अध्याय पूरा होते ही प्रकाशित कर दिया जाता है।

अध्याय १३ के विषय में

यहाँ अध्याय १३ में ३५ श्लोक हैं। कुछ परम्पराओं में ३४ श्लोक गिने जाते हैं, जिनमें अर्जुन का आरम्भिक प्रश्न सम्मिलित नहीं होता। दोनों ही प्रामाणिक हैं; यहाँ वही क्रम अपनाया गया है जो अधिकांश अन्य स्रोतों में मिलता है, ताकि सन्दर्भ मेल खाएँ।