Gita Explained
कृष्ण कहते हैं17.13

विधिहीनमसृष्टान्नं मन्त्रहीनमदक्षिणम्।श्रद्धाविरहितं यज्ञं तामसं परिचक्षते॥

vidhi-hīnam asṛṣṭānnaṃ mantra-hīnam adakṣiṇamśraddhā-virahitaṃ yajñaṃ tāmasaṃ paricakṣate

शब्दार्थ
vidhi-hīnam - without scriptural directionasṛṣṭa-annam - without distribution of prasādammantra-hīnam - with no chanting of the Vedic hymnsadakṣiṇam - with no remunerations to the priestsśraddhā - faithvirahitam - withoutyajñam - sacrificetāmasam - in the mode of ignoranceparicakṣate - is to be considered

श्लोक कहता है

जो यज्ञ बिना किसी नियम के किया जाए, जिसमें अन्न न बाँटा जाए, जिस पर कुछ कहा न जाए और किसी को कुछ दिया न जाए, और जिसके पीछे कोई श्रद्धा न हो। उसे अँधेरा कहा जाता है।

सरल शब्दों में

पाँच अनुपस्थितियाँ। गिन लीजिए।

कोई रूप नहीं, अन्न नहीं बँटा, कुछ कहा नहीं गया, कुछ दिया नहीं गया, और कुछ अभिप्राय नहीं था।

आख़िरी वाली ही मायने रखती है। श्रद्धा-विरहित - श्रद्धा से ख़ाली। बाक़ी चार माफ़ किए जा सकते थे। जिस चीज़ के पीछे कुछ भी न हो, वह असल में कर्म नहीं है। वह हरकत है।

आपने इसे कहाँ महसूस किया है

आप जन्मदिन पर सन्देश भेज देते हैं। वह वही सन्देश है जो आपने पिछले साल भेजा था, जो उससे पिछले साल वाला ही था। भेजते हुए आप उस आदमी के बारे में नहीं सोचते और बाद में भी नहीं सोचते। उसे शायद पता है। सन्देश पहुँच गया, और उसके साथ कुछ नहीं आया।

और गहराई में

जिसके पीछे कुछ भी न हो, ऐसा किया हुआ काम ही यहाँ की दशा है, और यह बाक़ी दोनों से ज़्यादा आम है।

पाँच चीज़ें ग़ायब हैं और आख़िरी बाक़ी सबको ढोती है। श्रद्धा-विरहित का अर्थ है भरोसे से, वज़न से, अर्थ से ख़ाली - निभा दिया गया, किया हुआ नहीं। रूप पूरा सही हो सकता है और यह फिर भी सच रह सकता है। जो कर्मकांड ठीक-ठीक किया गया हो पर भीतर कोई मौजूद न हो, वह इसी श्लोक में आता है।

यह देखने के लिए असहज जगह है, क्योंकि बाक़ी दोनों दशाओं में कम से कम कुछ तो है। स्वच्छता में परवाह है। वेग में भूख है। इसमें दोनों नहीं, और यह शायद ही कभी अपनी घोषणा करती है, क्योंकि काग़ज़ पर कुछ छूट नहीं रहा।

कसौटी यह है कि अगर आप रोक दें तो क्या आपको पता चलेगा। यहाँ जो आता है उसका ज़्यादातर किसी को खलेगा नहीं, उस आदमी को भी नहीं जो उसे कर रहा है, और ठीक इसीलिए उसे सालों तक चलाते रहना इतना आसान होता है।